ग्वालियर : बच्चों ने दो सत्रों में आयोजित कार्यक्रम में अपनी दोहरी प्रतिभा का प्रस्तुतिकरण किया। अवसर था-मध्यभारतीय हिंदी साहित्य सभा की मासिक इंगित बालगोष्ठी का। कार्यक्रम के पहले सत्र में बाल साहित्यकारों ने परीक्षा की प्रतिभा निर्माण में भूमिका को, शिक्षा के महत्व को अपने वक्तव्यों के द्वारा सबके समक्ष प्रस्तुत किया वहीं दूसरे सत्र में बच्चों ने क्लआर्ट के माध्यम से अपनी मनमोहक कलाकृतियों को तैयार किया जिसमें शिवलिंग, मुरली मनोहर श्याम जी, गणेश जी के अलावा फुटबॉल, बेटबॉल, सैक, एलियन, गुलाब का फूल और ऐसी ही और भी सुंदर कलाकृतियों को तैयार किया गया। गोष्ठी के दोनो सत्रों में प्रियांशु कुशवाह, परिधि जायसवाल, लक्ष्मी बघेल, खुशी बघेल, गुंजन बघेल, काव्या गोस्वामी, सृष्टि गोस्वामी, मयंक शाक्य, वीर बघेल, अंकित बघेल सहित लगभग 12 बच्चों ने अपनी मौलिक प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में युवा साहित्यकार आकाश शर्मा, अंकुर चौरसिया, डॉ. मन्दाकिनी शर्मा, शिवानी गोस्वामी, व्याप्ति उमड़ेकर, विकास बघेल ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय सत्र का आतिथ्य दायित्व निर्वहन किया। कार्यक्रम का संचालन विकास बघेल ने, दृश्य सामग्री तैयार करने का एवं बाल रचना करों को खिलौने निर्माण के लिये दिशा निर्देश देने का दायित्व शुभम जायसवाल तथा विकास बघेल ने निर्वहन किया वहीं कार्यक्रम का सह- संयोजन अंकुर चौरसिया, शिवानी गोस्वामी, व्याप्ति उमड़ेकर ने किया। इस अवसर पर गोविंद भदौरिया, करण बरुआ उदयवीर खटीक, प्रथम बघेल, दीक्षा शाक्य सहित अन्य युवा रचनाकार उपस्थित रहे।