श्मशान घाट बना तालाब, व मुश्किल किया बुजुर्ग महिला के शव का अंतिम संस्कार - vanchit Awaaz


गोहद भिंड : देश की आजादी के 77 साल बाद भी आज भी कई ऐसे गांव हैं जो सुख सुविधाओं से वंचित हैं देश ने आजादी के 75 साल के अमृत काल का महोत्सव तो मना लिया लेकिन कुछ ऐसे गांव आज भी है हैं जिनमें मूलभूत सुविधाए नहीं है, इनको लेकर ना तो शासन ना कोई जनप्रतिनिधि ध्यान देता है , गोहद विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत फतेहपुर अंतर्गत ग्राम घूम का पूरा से ऐसी तस्वीर सामने आई है जो शर्मनाक है इस गांव में शमशान जाने के लिए ना तो कोई रास्ता है, आप तस्वीरों में स्पष्ट देख सकते हैं कि समस्त ग्राम वासियों को बरसात के समय में अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है शमशान घाट जाने के लिए पानी के अंदर से जाना पड़ रहा है घुटनों तक पानी मे घुसकर जा रहे है. लोग परेशान हो रहे हैं अगर श्मशान घाट तक पहुंच भी जाएं तो ना तो शमशान घाट में बैठने की कोई व्यवस्था ना तो उसमें टीन शेट लगा हुआ है , समस्त ग्रामवासी खुले में दाह संस्कार करने को मजबूर है, इस मामले को लेकर प्रशासन और क्षेत्रीय विधायक जनप्रतिनिधि क्या कर पाएंगे इस समस्या का समाधान, गांव के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से बहुत दूर है

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